आरटीई मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से हो कार्रवाई: डीएम
हरिद्वार, 31 अगस्त (हि.स.)। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शिक्षा विभाग के कार्यालय परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य का कुशलता एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पत्रावलियों का व्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने आरटीई से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आरटीई के तहत प्राप्त आवेदनों और दाखिलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश से वंचित न किया जाए और सभी प्रकरणों में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
डीएम ने कार्यालय परिसर में प्रस्तावित पुस्तकालय स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की तैयारियों की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने बताया कि परिसर में जीर्ण-शीर्ण भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है और उसके स्थान पर पुस्तकालय निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम ने 284.33 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा है, जिसकी अभी मंजूरी नहीं मिली है।
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालय सीधे जनहित से जुड़े हैं। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ काम करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

