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अनुशासन ही लक्ष्य प्राप्ति का साधन है : रेनू अधिकारी

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अनुशासन ही लक्ष्य प्राप्ति का साधन है : रेनू अधिकारी


नैनीताल, 17 अक्टूबर (हि.स.)। महिला उद्यमिता विकास परिषद की अध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री रेनू अधिकारी ने कहा कि देश की बागडोर युवाओं के हाथों में है। युवाओं में कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूकता, बेटियों का सशक्तीकरण, किसानों की मजबूती और स्वरोजगार की दिशा में युवाओं की भागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं। तकनीक से जुड़ाव भी देश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वह राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत रू विकसित भारत 2047’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही लक्ष्य प्राप्ति का साधन है और युवाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए निष्ठा, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रेनू अधिकारी और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नागेंद्र द्विवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छात्राओं ने कुमाउनी संस्कृति पर आधारित सामूहिक और एकल नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वालों में भूमिका, अंकिता, दिव्या और बबली प्रमुख रहीं।

कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध, चित्रकला, भाषण और योग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए। सम्मानित प्रतिभागियों में शिवानी, हिमानी, अभिलाषा, साक्षी, प्रियांशु, ममता, काजल, ललिता, यमुना और सारांश प्रमुख रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. नागेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सपनों का भारत तभी साकार होगा, जब उसके निर्माण के लिए समन्वित प्रयासों के साथ निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य किया जाएगा। स्वागत भाषण डॉ. बिमला सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरिश्चंद्र जोशी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निर्मला रावत ने किया।

इस अवसर पर डॉ. हीरा सिंह भाकुनी, डॉ. नीमा पंत, डॉ. हरेश राम, कविंद्र प्रसाद, दीप्ति, कुंदन, गणेश, कमलेश और भारती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी