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वैदिक शिक्षा के साथ आपदा प्रबंधन का अभ्यास

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वैदिक शिक्षा के साथ आपदा प्रबंधन का अभ्यास


हरिद्वार, 11 जुलाई (हि.स.)। हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में संचालित आर्यवीर एवं आर्या वीरांगना दल प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन शनिवार को प्रातःकालीन यज्ञ के साथ विभिन्न बौद्धिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने शिविरार्थियों को आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया।

यज्ञ का संचालन डॉ.भारत वेदालंकार ने करते हुए कहा कि यज्ञ मन की भावनाओं को पवित्र बनाकर आचरण की शुद्धता और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का माध्यम है तथा वर्तमान भौतिकवादी युग में यह किसी औषधि से कम नहीं है।

बौद्धिक सत्र में डॉ. संदीप वेदालंकार ने कहा कि आर्य विद्वानों के मार्गदर्शन में तैयार होने वाले ब्रह्मचारी देश की संस्कृति और वैदिक परंपरा के संरक्षण के प्रमुख वाहक बनते हैं। आर्या वीरांगना दल का बौद्धिक सत्र डॉ. दीपिका के निर्देशन में आयोजित किया गया।

विशेष कौशल प्रशिक्षण के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ टीम ने आपदा के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। टीम के सब-इंस्पेक्टर रविन्द्र, तनवीर, पुष्कर तथा महिला प्रतिनिधि सीता ने प्रतिभागियों को त्वरित प्रतिक्रिया, बचाव तकनीकों और सुरक्षा उपायों की व्यावहारिक जानकारी दी।

शिविर की विभिन्न गतिविधियों का संचालन डॉ. संदीप वेदालंकार, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. गगन माटा, डॉ. कपिल मिश्रा और डॉ. मयंक पोखरियाल ने किया। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवकुमार चौहान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में शिविरार्थी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला