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प्रशासनिक अकादमी की कार्यशाला में डॉ. चौधरी ने साझा किए भीड़ नियंत्रण प्रबंधन के अनुभव

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प्रशासनिक अकादमी की कार्यशाला में डॉ. चौधरी ने साझा किए भीड़ नियंत्रण प्रबंधन के अनुभव


हरिद्वार, 29 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल द्वारा हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय आपदा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। पर्यावरण विभाग के सभागार में आयोजित कार्यशाला में 160 एनसीसी कैडेट्स को आपदाओं के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यशाला में इंडियन रेड क्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी को विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था।

डॉ. चौधरी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से दैवीय आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है, जबकि कुंभ, अर्धकुंभ, कांवड़ मेला और सोमवती अमावस्या जैसे विशाल आयोजनों के कारण हरिद्वार जनपद मानवजनित आपदाओं के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार में 1986 कुंभ, 1996 सोमवती अमावस्या, 2010 कुंभ, 2011 शांति कुंभ शताब्दी और 2025 मनसा देवी भगदड़ में भारी जनहानि हुई है। दैवीय आपदाओं को जागरूकता से कम किया जा सकता है, लेकिन मानवजनित आपदाओं को एकजुट प्रयासों से पूरी तरह रोका जा सकता है।

इसके लिए पूर्व की घटनाओं से सीख लेकर संसाधन जुटाने और लापरवाही दूर करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला 2027 में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अहम रहेगी, जो प्रशासन के साथ मिलकर स्नान पर्वों को सफल बनाने में सहयोग करेंगे।

कोर्स निदेशक डॉ. ओम प्रकाश ने कैडेट्स को प्रशिक्षित किया और अंत में डॉ. नरेश चौधरी को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला