जन्मशताब्दी का संदेश लेकर जापान पहुंचे डॉ. चिन्मय
हरिद्वार, 21 सितंबर (हि.स.)। जन्मशताब्दी वर्ष का संदेश लेकर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के प्रतिनिधि डॉ चिन्मय पण्ड्या जापान के टोक्यो पहुँचे। डॉ. चिन्मय पंड्या की उपस्थिति में जापान की धरती में माँ गायत्री मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई और 11 कुंडीय यज्ञ हुआ। वैदिक मंत्रों और गायत्री महामंत्र के उच्चारण के बीच साधकों ने विश्वशांति और मानव कल्याण की मंगलकामना की।
शांतिकुंज मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार टोक्यो का यह आयोजन माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी वर्ष के वैश्विक कार्यक्रमों की श्रृंखला से जुड़ा रहा। उनके मार्गदर्शन में स्थानीय स्तर पर साधना, जनसंपर्क और आगामी जन्मशताब्दी कार्यक्रमों की तैयारियों को गति दी जा रही है।
डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष में उनके विचारों को जीवन में उतारने और समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का अवसर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और माताजी ने भारतीय संस्कृति के माध्यम से मानव-एकता, सद्भाव और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माँ गायत्री की साधना मनुष्य के भीतर सद्बुद्धि, संवेदना और सेवा की भावना को जागृत करती है। जापान में मंदिर की स्थापना इसी साधना को नियमित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर है।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में यज्ञ के दौरान विश्वशांति, सद्भावना और मानव बंधुत्व के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। टोक्यो में माँ गायत्री मंदिर की स्थापना जन्मशताब्दी वर्ष के वैश्विक विस्तार की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

