कृष्ण जन्म और लीलाओं के वर्णन से भक्तिमय हुआ माहौल
हरिद्वार, 21 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार में आयोजित गुरु स्मृति महोत्सव के दौरान कथा व्यास चिन्मयानंद बापूजी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
उनके प्रवचन से श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए और कार्यक्रम स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
साकेतवासी श्रीमहंत नृसिंहदास महाराज ढेरियॉवाले की 21वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 21वां गुरु स्मृति महोत्सव श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन सेवा समिति भवन में किया जा रहा है।
महोत्सव का संयोजन महंत बिष्णु दास महाराज के निर्देशन में किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन कथा व्यास चिन्मयानंद बापूजी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव एवं उनकी विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुसेवक निवास उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्रीमहंत बिष्णु दास महाराज एवं अन्य संतों द्वारा विधिवत पोथी पूजन और व्यास पूजन के साथ हुई।
इस अवसर पर महंत बिष्णु दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने से मन निर्मल होता है, जन्म-जन्मांतर के पाप और विकार नष्ट होते हैं तथा जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा व्यक्ति को सकारात्मक जीवन जीने और सत्कर्मों की ओर अग्रसर करती है।
कथा व्यास चिन्मयानंद बापूजी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके दिव्य चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
इस दौरान कार्यक्रम में अनेक संत-महात्माओं सहित चांद, बृजमोहन सेठ, श्वेता, नितिन सेठ, वंदना, भव्य, अनिरुद्ध, पुनीत दास, राघवेन्द्र दास, अमन दास, रामचंद्र दास, गणेश, शालीग्राम, अमर दास, गौरव सहित उछाली आश्रम के सेवकगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

