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डेंगू रोकथाम को लेकर हरिद्वार में अभियान तेज, 91 हजार से अधिक घरों की जांच

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डेंगू रोकथाम को लेकर हरिद्वार में अभियान तेज, 91 हजार से अधिक घरों की जांच


हरिद्वार, 18 अगस्त (हि.स.)। डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में डेंगू सोर्स रिडक्शन और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। 23 मई से शुरू हुए इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों और डेंगू वालंटियर्स की टीमें घर-घर पहुंचकर डेंगू मच्छर के लार्वा की जांच कर रही हैं। साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले में डेंगू का एक भी मरीज सामने नहीं आया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह के नेतृत्व और जिला मलेरिया अधिकारी इंद्रपाल सिंह की देखरेख में अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। जिले में करीब 1,730 आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों में जुटी हैं। वहीं, 13 अगस्त से 46 डेंगू वालंटियर्स को भी अभियान में शामिल किया गया है।

एक दिन में 4,357 घरों और 17,223 कंटेनरों की जांच

स्वास्थ्य विभाग की 17 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में 4,357 घरों की जांच की गई। इस दौरान 17,223 कंटेनरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 497 घरों और 564 कंटेनरों में डेंगू का लार्वा पाया गया। लार्वा मिलने वाले स्थानों पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। अभियान शुरू होने से अब तक जिले में संचयी रूप से 91,804 घरों की जांच की जा चुकी है, जबकि 2,85,184 कंटेनरों का निरीक्षण किया गया है। इनमें 1,131 घरों और 1,299 कंटेनरों में डेंगू का लार्वा मिला है।

पानी जमा न होने देने की अपील

स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को डेंगू के मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करने के लिए जागरूक कर रहा है। विभाग ने लोगों से घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। विशेष रूप से कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और अन्य ऐसे कंटेनरों की नियमित सफाई करने को कहा गया है, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। लोगों की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और पानी को लंबे समय तक जमा नहीं होने देने से डेंगू के मच्छरों के पनपने की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

476 रैपिड टेस्ट किए गए

डेंगू की जांच को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। 17 अगस्त को 10 रैपिड टेस्ट किए गए, जबकि अभियान के दौरान अब तक कुल 476 रैपिड टेस्ट किए जा चुके हैं। इसके अलावा जरूरत के अनुसार एलाइजा जांच भी कराई जा रही है, ताकि संदिग्ध मामलों की पुष्टि समय रहते की जा सके।

पिछले साल मिले थे 110 मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में 110 डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई थी। इस वर्ष शुरुआती स्तर से ही डेंगू के स्रोतों को खत्म करने और लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते खत्म कर डेंगू के संक्रमण को फैलने से रोका जाए। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द या डेंगू से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्रोत नियंत्रण, नियमित जांच और जनभागीदारी को अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला