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अर्धकुंभ से पहले संवरेगा पंचलेश्वर महादेव मंदिर! सीएम धामी से सौंदर्यीकरण की मांग

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अर्धकुंभ से पहले संवरेगा पंचलेश्वर महादेव मंदिर! सीएम धामी से सौंदर्यीकरण की मांग


हरिद्वार, 12 अक्टूबर (हि.स.)। महाभारत कालीन मान्यताओं से जुड़े लक्सर के पौराणिक तीर्थस्थल पंचलेश्वर महादेव मंदिर की सूरत बदलने की मांग उठी है। मंदिर के समीप बहने वाली पश्चिम बहनी बाण गंगा के किनारे फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं से तीर्थस्थल की सुंदरता प्रभावित हो रही है।

वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ को देखते हुए पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंदिर और बाण गंगा के सौंदर्यीकरण के साथ सड़क निर्माण कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में उन्होंने इस प्राचीन धार्मिक धरोहर के संरक्षण और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने का आग्रह किया।

पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पंचलेश्वर महादेव मंदिर की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित इस प्राचीन मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांचों पांडवों ने यहां शिवालय की स्थापना की थी। मंदिर के समीप बहने वाली बाण गंगा की धारा पूरब से पश्चिम की ओर बहती है। यहां वर्ष में दो बार विशाल मेले आयोजित होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

गंदगी से प्रभावित हो रही तीर्थस्थल की सुंदरता

संजय गुप्ता ने कहा कि धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद मंदिर परिसर और बाण गंगा के किनारे सफाई व सौंदर्यीकरण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। नदी किनारे घास और कूड़ा-कबाड़ जमा होने से तीर्थस्थल की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही है। इससे श्रद्धालुओं को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मंदिर और बाण गंगा के किनारे नियमित सफाई, घाटों के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। उनका कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से विकास होने पर यह स्थल धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।

मंदिर तक तीन किलोमीटर सड़क बनाने की मांग

वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ के मद्देनजर पंचलेश्वर महादेव मंदिर के विकास की मांग को महत्वपूर्ण बताते हुए पूर्व विधायक ने नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर से मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का आग्रह किया। सड़क निर्माण से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा। संजय गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि अर्धकुंभ से पहले इस पौराणिक तीर्थस्थल के सौंदर्यीकरण, सफाई व्यवस्था और सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला