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डाक कांवड़ शुरू, मानक से बड़े डीजे और कांवड़ वाहन बॉर्डर से लौटाए

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डाक कांवड़ शुरू, मानक से बड़े डीजे और कांवड़ वाहन बॉर्डर से लौटाए


हरिद्वार, 07 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में डाक कांवड़ शुरू होने के साथ ही पुलिस और प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निर्धारित मानकों से बड़े डीजे और कांवड़ वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है।

नियमों के विपरीत पाए जाने वाले वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। वाहन मालिकों को डीजे की ऊंचाई निर्धारित सीमा तक कम करने के बाद ही दोबारा प्रवेश दिया जा रहा है।

प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि 10 फीट से अधिक चौड़ाई और 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे या कांवड़ वाहनों को किसी भी स्थिति में हरिद्वार में प्रवेश नहीं मिलेगा। अधिक ऊंचाई वाले वाहन बिजली के तारों, टोल प्लाजा और फ्लाईओवर के नीचे फंसने का खतरा पैदा करते हैं। साथ ही इन पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों के सवार होने से दुर्घटना की स्थिति में जनहानि की आशंका भी बढ़ जाती है।

कांवड़ मेले के शुरुआती दिनों में जहां पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक थी, वहीं अब डाक कांवड़ वाहनों की आमद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में वाहन हरिद्वार पहुंच रहे हैं। प्रशासन के अनुसार आगामी चार दिन सबसे महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी दौरान डाक कांवड़ वाहनों का दबाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।

एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने कहा कि डाक कांवड़ वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों को ही हरिद्वार में प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने कांवड़ियों से अपील की कि वे प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मानक के अनुरूप कांवड़ व डीजे लेकर ही हरिद्वार आएं, ताकि यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनपद की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पार्किंग, रूट डायवर्जन और वाहनों की निकासी के लिए विशेष योजना लागू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शहर में यातायात भी सुचारु बना रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला