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मगध साइबर गैंग का नेटवर्क ध्वस्त, बलिया का मुख्य मददगार गिरफ्तार

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मगध साइबर गैंग का नेटवर्क ध्वस्त, बलिया का मुख्य मददगार गिरफ्तार


हरिद्वार, 04 सितंबर (हि.स.)। साइबर ठगी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने कुख्यात ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गैंग के एक प्रमुख मददगार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय, निवासी ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया, यूपी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में ऋषिकेश के मायाकुंड क्षेत्र में रह रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसपी नगर के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई थी। कोतवाली श्यामपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित सागर पाण्डेय की तलाश में सीआईयू टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी सर्विलांस से उसकी लोकेशन चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड पर ट्रेस की। सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने उसे स्कूटी से जाते हुए पकड़ लिया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बलिया का मूल निवासी है और ऋषिकेश में रहकर गैंग के पहले से गिरफ्तार सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था।

वह स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन म्यूल अकाउंट्स को साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए गैंग को उपलब्ध कराता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। आरोपी ने विशाल और श्याम नाम के व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को देने की बात कबूली है।

पुलिस के अनुसार जब उसे अपने पांच साथियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिली तो उसने बचने के लिए मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और नंबर डिलीट कर दिए। बावजूद इसके तकनीकी जांच में पुलिस को अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के मोबाइल की गैलरी से विशाल के नाम के बैंक खाते की फोटो बरामद हुई है। पुलिस ने एक मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े डिजिटल दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी का चालान कर अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला