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उत्तराखंड के शहरों को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और जलवायु-अनुकूल बनाने पर जोर

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उत्तराखंड के शहरों को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और जलवायु-अनुकूल बनाने पर जोर


देहरादून, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण और स्रोत स्तर पर कचरे के शत-प्रतिशत पृथक्करण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुराने डंप साइटों के सुधारीकरण का कार्य भी तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया।

मंगलवार को देहरादून स्थित सचिवालय में शहरी विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी शहरी निकायों को स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पेयजल, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर शहरों के रूप में विकसित करने के लिए विभाग निरंतर कार्य करे।

उन्होंने कहा कि विभाग के विजन के अनुरूप सभी शहरी निकायों को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है। इसके लिए निकायों और उनसे जुड़े अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं अनुभाग अधिकारियों के लिए देश-विदेश के सुव्यवस्थित शहरों का एक्सपोजर विजिट कराने की आवश्यकता भी बताई, ताकि बेहतर शहरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली को अपनाया जा सके।

मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन के अंतिम छोर पर भी वाटर क्वालिटी सेंसर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी विकास में डिजिटल गवर्नेंस को गति देने और सभी शहरी निकायों को शीघ्र ऑनबोर्ड करने पर भी बल दिया।

बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय