टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज
देहरादून, 07 मई (हि. स.)। उत्तराखंड सरकार ने प्रधानमंत्री के ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ विजन के तहत टिहरी झील क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। इस दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए एक समग्र एवं दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना चरणबद्ध तरीके से लागू हो सकती है, लेकिन इसका स्वरूप शुरुआत से ही व्यापक और एकीकृत होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (टाडा) को डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के रूप में कार्य करना होगा, ताकि सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सके।
बैठक में टिहरी झील रिंग रोड, आइकोनिक ब्रिज, हरित पैदल मार्ग, ईको पार्क, प्राकृतिक व्यू प्वाइंट, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों को परियोजना में शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रीन एरिया को संरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने टिहरी तक एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने, सड़कों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण और नए मार्गों की संभावनाएं तलाशने को भी प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने साइट-विशिष्ट निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना में वॉटरड्रोम, वॉटरपोर्ट और सी-प्लेन संचालन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आइकोनिक पुलों की डिजाइन तैयार करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा डोबरा-चांटी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी विभाग और संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि टिहरी क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, अभिषेक रोहिला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

