हरिद्वार में पाकिस्तानी कनेक्शन का बड़ा खुलासा, शिक्षिका सोनम पर 20 लाख ट्रांसफर करने का आरोप
हरिद्वार, 29 मई (हि.स.)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से सामने आए कथित पाकिस्तानी कनेक्शन मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कलियर क्षेत्र की रहने वाली एक निजी स्कूल शिक्षिका सोनम को लेकर हरिद्वार पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि सोनम ने कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे लोगों के इशारे पर अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए और इसके बदले मोटा कमीशन हासिल किया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ से राहुल खान नामक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सोनम का नाम सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम हरिद्वार पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार को सोनम को गिरफ्तार किया।
हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, पूछताछ में सोनम ने स्वीकार किया कि उसने अब तक करीब 20 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। इन ट्रांजेक्शन के बदले उसे लगभग दो लाख रुपये कमीशन मिला। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक सोनम अपनी एक महिला मित्र के माध्यम से उमर नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी। बाद में उसकी बातचीत हसीन नामक युवक से कराई गई। पुलिस के अनुसार सोनम को पार्सल के जरिए एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक पासबुक भेजी जाती थीं। इन खातों में रकम जमा होने के बाद वह पैसा अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देती थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने सोनम के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि अभी तक 20 से 25 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस उन खाताधारकों की भी जांच कर रही है जिनके खातों में रकम भेजी गई। साथ ही सोनम के दोस्तों, रिश्तेदारों और संपर्क में आए अन्य लोगों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस नेटवर्क का मकसद क्या था और इसके तार कहां तक जुड़े हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

