परमार्थ निकेतन आश्रम में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम आयोजित
पौड़ी गढ़वाल, 11 मई (हि.स.)। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित किए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित परमार्थ आश्रम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तीर्थ यात्रियों, वेदाचार्यों एवं श्रद्धालुओं ने गुजरात के सोमनाथ से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सजीव प्रसारण के माध्यम से सुना।
परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की सनातन चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आस्था, संस्कृति और अध्यात्म की शक्ति ही भारत की वास्तविक पहचान है।
इस प्रकार के आयोजन समाज में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक जागरूकता को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मगौरव का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि सोमनाथ मंदिर की लगभग 1000 वर्षों की संघर्षपूर्ण, गौरवशाली एवं अविचलित यात्रा भारतीय संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक मानी जाती है। इतिहास में अनेक विदेशी आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद मंदिर का बार-बार पुनर्निर्माण भारतीय सभ्यता की अदम्य शक्ति, सांस्कृतिक चेतना तथा पुनरुत्थान की भावना को प्रदर्शित करता है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य इसी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यकम के तहत संध्या के समय परमार्थ आश्रम में भव्य गंगा आरती एवं दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर शिव स्त्रोत के सामूहिक गायन का भी आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु एवं तीर्थ यात्री सहभागिता करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

