जातिवाद के नाम पर सामाजिक समरसता बिगाड़ने की कोशिश कर रही कांग्रेस : चमोली
देहरादून, 30 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर उत्तराखंड की सामाजिक समरसता को लेकर अनर्गल आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है।
विनोद चमोली ने रविवार काे जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश की जनता ने कभी जाति, धर्म अथवा वर्ग के आधार पर बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस छुआछूत और जातिवाद जैसे मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कभी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर समाज को बांटने का कार्य नहीं करती। पार्टी का प्रयास समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर विकास और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ना है।
विनोद चमोली ने कांग्रेस से तथ्यों के बिना शुद्धीकरण कार्यक्रम को भाजपा से जोड़कर राजनीतिक भ्रम फैलाने से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्यक्रम का आयोजन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नामक सामाजिक संस्था की ओर से किया गया था और संस्था स्वयं स्पष्ट कर चुकी है कि उसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में बिना ठोस तथ्य के कार्यक्रम को भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। कांग्रेस धार्मिक और सामाजिक घटनाओं को राजनीतिक विवाद का रूप देने के बजाय प्रदेश की एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द की चिंता करे।
भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस दलित मुद्दों की आड़ में राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल एससी-एसटी एक्ट का हवाला देकर किसी मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। किसी कानून का नाम लेने और उसके तहत अपराध सिद्ध होने के बीच स्पष्ट कानूनी अंतर होता है।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से सवाल किया कि यदि वे इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध बनने का दावा कर रहे हैं तो उसका ठोस कानूनी आधार स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि केवल किसी कानून का हवाला देकर राजनीतिक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
प्रवक्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति या संगठन पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप गंभीर विषय है और इसके समर्थन में ठोस आधार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दावा है कि घटना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की दलित पहचान के कारण हुई, जबकि संबंधित आयोजक संस्था ने ऐसी किसी मंशा से स्पष्ट इनकार किया है। ऐसे में कांग्रेस को अपने आरोपों का तथ्यात्मक आधार बताना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से राजनीतिक लाभ के लिए समाज में जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश बंद करने तथा प्रदेश की एकता एवं सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

