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सरकारी जमीन पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का धामी सरकार पर सीधा हमला

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सरकारी जमीन पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का धामी सरकार पर सीधा हमला


हरिद्वार, 16 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड में सरकारी जमीन को निजी निवेश के लिए देने को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने धामी सरकार पर यूआईआईडीबी के माध्यम से करीब 1200 एकड़ सरकारी भूमि को पीपीपी मॉडल पर लंबी लीज पर देने का आरोप लगाया और दावा किया कि इन प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री स्तर से अंतिम सहमति हो चुकी है।

प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि सरकारी विभागों की खाली जमीनों को निवेश के नाम पर निजी कंपनियों को दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य की सीमित सरकारी भूमि के दीर्घकालिक उपयोग में स्थानीय हित और भविष्य की सरकारी जरूरतों को कैसे सुरक्षित किया जाएगा।

कांग्रेस ने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मामला भी उठाया।

आरोप है कि 142 एकड़ में एशियाई विकास बैंक के ऋण से विकसित पर्यटन सुविधाओं को मात्र 1 करोड़ रुपये सालाना कंसेशन फीस पर 15 साल के लिए निजी संचालक को दिया जा रहा है। निविदा प्रक्रिया और मूल्यांकन सार्वजनिक करने की मांग की गई।

पार्टी ने नैनीताल के पटुवाडांगर, हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस समेत अन्य संपत्तियों पर भी सवाल उठाए।

अमन गर्ग ने हरिद्वार भूमि घोटाले में निलंबित अधिकारियों की बहाली पर भी सवाल उठाए और मेयर से नुकसान की भरपाई पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इस दौरान अंजू मिश्रा, महेश प्रताप राणा, रचना शर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला