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मुख्यमंत्री धामी से युवाओं ने बेबाकी से पूछे सवाल, रोजगार से भ्रष्टाचार तक मुद्दों पर मिला जवाब

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मुख्यमंत्री धामी से युवाओं ने बेबाकी से पूछे सवाल, रोजगार से भ्रष्टाचार तक मुद्दों पर मिला जवाब


खटीमा, 31 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बेबाक सवाल पूछे। धामी ने सवालों के सहज और स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त उत्तराखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

सनातन धर्मशाला परिसर स्थित निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। रिश्वत मांगने या अनुचित दबाव बनाने की शिकायत नागरिक टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की जांच के लिए विशेष टीमें कार्रवाई करती हैं।

‘विकल्प रहित संकल्प’ से विकसित होगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास हिमालय, नदियों, वन संपदा, कृषि संसाधनों और उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में व्यापक क्षमता है। इन संसाधनों के बेहतर उपयोग से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है।

सीमांत गांवों को बनाया जाएगा प्रथम गांव

सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत जिलों और गांवों को देश के अंतिम छोर के बजाय प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सोच के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई योजनाएं भी लाई जाएंगी।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर

कक्षा 11 की छात्रा रेखा के सवाल पर धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है। सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने आपदा के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का भी उल्लेख किया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और रोजगार एवं करियर के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

पर्यटन को मिली नई गति

पर्यटन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा होमस्टे सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड के पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे स्थलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के चलते प्रदेश में सालाना पर्यटकों की संख्या सात से आठ करोड़ के पार पहुंच गई है।

18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

संवाद कार्यक्रम में विभिन्न 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल रखे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय