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मुख्यमंत्री धामी बोले- महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार समर्पित

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मुख्यमंत्री धामी बोले- महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार समर्पित


-महिलाएं सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य पर ध्यान दें, सरकार देगी पूरा सहयोग

देहरादून, 19 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के कौशल और उद्यमिता विकास के साथ उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं से सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर अपने अनुभव साझा किए और सुझाव भी दिए।

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के कौशल और उद्यमिता विकास से लेकर उनके उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा महिला उद्यमियों को आसान ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं। उत्तराखंड की महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता और साहस का परिचय दिया है तथा केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उन्हें लाभ मिल रहा है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के माध्यम से इस दिशा में काम कर रही है। उत्तराखंड की महिलाओं के विशिष्ट उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से नई पहचान दी गई है। देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहां प्रदेश के सभी 13 जिलों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश की महिलाएं सिलाई-बुनाई से लेकर कारखाने चलाने तक में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उत्पाद की गुणवत्ता से उपभोक्ताओं का भरोसा कायम होने पर बाजार अपने आप बढ़ेगा।

जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउस के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समूहों के उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद गुणवत्ता के मामले में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों के समकक्ष हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर संचालित करने पर विचार करने की बात कही।

संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उनका घर तक बिक गया और बच्चे भोजन के लिए मोहताज हो गए थे। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने परिवार को दोबारा संभाला। उन्होंने समूहों के लिए सरकार की बिना गारंटी ऋण सुविधा को किसी वरदान से कम नहीं बताया।

इसके बाद महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित गीत स्वत:स्फूर्त रूप से प्रस्तुत किया। गीत के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को बिना ब्याज ऋण, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया।

समारोह में विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, नेहा शर्मा, किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय