home page

आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी, विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने चाहिए: धामी

 | 
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी, विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने चाहिए: धामी


देहरादून, 21 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक और व्यावसायिक रूप से सफल बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अच्छा इंसान बनाना भी है। ज्ञान व्यक्ति को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है, जबकि संस्कार उसे सही दिशा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय का उद्घाटन वर्ष 2015 में पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। उनका जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि बड़े सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम और दृढ़ संकल्प जरूरी हैं।

उन्होंने भारतीय संस्कृति की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरों के प्रति सम्मान, बड़ों का आदर और जरूरतमंदों की सहायता भारतीय संस्कारों के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है और ज्ञान की सार्थकता उसके व्यवहार में उपयोग से सिद्ध होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों में दक्षता हासिल करने के साथ योग, ध्यान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को भी अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल और रचनात्मकता पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। धामी के अनुसार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से असफलताओं से सीख लेने और ईमानदारी, अनुशासन तथा निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित, संस्कारित, कुशल और आत्मनिर्भर युवा उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय