उधारी ना चुकाने पर व्यापारी को एक साल की कैद, 13.35 लाख जुर्माना
हरिद्वार, 28 जुलाई (हि.स.)।
बिजनेस बढ़ाने के लिए ली गई उधारी वापस न लौटाने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने आरोपित गुरविंदर सिंह को दोषी करार दिया है।
कोर्ट ने आरोपी को एक वर्ष के कठोर कारावास और 13 लाख 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें से 13 लाख 25 हजार रुपये बतौर प्रतिकर शिकायतकर्ता महेंद्र कुकरेजा को दिए जाएंगे, जबकि 10 हजार रुपये सरकारी राजकोष में जमा होंगे।
अधिवक्ता तरसेम सिंह ने बताया कि हजारी बाग ज्वालापुर निवासी शिकायतकर्ता महेंद्र कुकरेजा और आरोपी गुरविंदर सिंह पुत्र जितेंद्र पाल सिंह वालिया, रेलवे रोड ज्वालापुर के बीच अच्छी जान-पहचान थी। मार्च 2016 में गुरविंदर सिंह ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए महेंद्र कुकरेजा से 13 लाख 25 हजार रुपये उधार लिए थे। तय अवधि में पैसे वापस लौटाने का वादा किया था।
तय समय बीतने पर जब पैसे मांगे गए तो आरोपी ने 13 लाख 25 हजार रुपये का चेक दिया। शिकायतकर्ता ने जब चेक बैंक में लगाया तो खाता बंद होने के कारण चेक वापस हो गया। इसके बाद भी आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही नोटिस का जवाब दिया। थककर शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

