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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उत्तराखंड में 24 घंटे की हड़ताल का व्यापक असर, 13 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर रहे बंद

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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में उत्तराखंड में 24 घंटे की हड़ताल का व्यापक असर, 13 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर रहे बंद


देहरादून, 20 मई (हि.स.)। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान का बुधवार को उत्तराखंड में व्यापक असर देखने का मिला। कई जिलाें में दवा व्यापारियों ने हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। दवा काराेबारियाें ने13 हजार से अधिक मेडिकल स्टाेर बंद करके ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉर्पोरेट कंपनियों की भारी छूट नीति का विराेध जताया। बुधवार काे राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, नैनीताल, मसूरी, टिहरी, गंगोत्री, बड़कोट,अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी समेत विभिन्न शहरों और कस्बों में दवा व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेशभर में 13 हजार से अधिक मेडिकल स्टोरों ने बंद में हिस्सा लिया। हालांकि इमरजेंसी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता जिला प्रशासन और अस्पताल के माध्यम से सुनिश्चित की गई। देहरादून में दोपहर बाद एकाध दुकानें खुलीं। प्रदर्शनकारी दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियमन लागू करने, अनियंत्रित डिस्काउंट नीति पर रोक लगाने और नकली दवाओं की बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन से पारंपरिक दवा कारोबार गंभीर संकट में है। बिना पर्याप्त नियमन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाओं की बिक्री से नकली, घटिया और एक्सपायरी दवाओं के प्रसार का खतरा भी बढ़ रहा है।

डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन देहरादून के जिला अध्यक्ष मनीष नंदा ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे दवा व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है। संगठन ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817 (28 अगस्त 2018) और जीएसआर 220 (26 मार्च 2020) को वापस लेने तथा ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नशा की दवाएं और प्रतिबंधित दवा का कारोबार भी ऑनलाइन फल फूल रहा है। इसके साथ ही कारपोरेट की तरह केमिस्ट को प्रोत्साहन करने की मांग की।

देहरादून में दून अस्पताल के निकट आयोजित धरना-प्रदर्शन में जिला केमिस्ट एसोसिएशन, होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन, फार्मा सी एंड एफ एसोसिएशन और अन्य संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं, बल्कि दवा व्यवसाय की पारदर्शिता और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।

धरना-प्रदर्शन में डब्ल्यूसीए अध्यक्ष संजीव तनेजा, महासचिव आकाश प्रभाकर, नीरज जैन, शैलेंद्र सिंह रावत, मनोज अजमानी, पंकज मित्तल, अमोद प्रकाश, विजय गोयल, गिरीश अरोड़ा, गोल्डी, एमआर एसोसिएशन अध्यक्ष दीपक शर्मा और अंशुल अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।

इस हड़ताल को उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन (यूएमएसआरए) ने भी समर्थन दिया। संगठन ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और फर्जी व नकली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है। यूएमएसआरए के देहरादून महानगर अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री दीपक शर्मा ने कहा कि जनहित में ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय