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विद्यार्थियों को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने की दिशा में कौशलम् की पहल

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विद्यार्थियों को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने की दिशा में कौशलम् की पहल


विद्यार्थियों को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने की दिशा में कौशलम् की पहल


चम्पावत, 25 अगस्त (हि.स.)। विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), लोहाघाट में कौशलम् कार्यक्रम के तहत कक्षा 10 और 11 के शिक्षकों की जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का लक्ष्य विद्यार्थियों को भविष्य में केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाला बनाने की दिशा में तैयार करना है।

कार्यशाला में शिक्षकों को उद्यमशील मानसिकता विकसित करने, स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं की पहचान, समस्या समाधान, करियर अवेयरनेस एवं एक्सप्लोरेशन, प्रोटोटाइप विकास तथा विपणन जैसे व्यवहारिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक इन गतिविधियों को विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करेंगे।

डायट के प्राचार्य दिनेश खेतवाल ने कहा कि कौशलम् कार्यक्रम विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर अपने आसपास मौजूद संसाधनों और समस्याओं में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करता है। इसका उद्देश्य युवाओं में ऐसी सोच विकसित करना है, जिससे वे नौकरी के अवसर तलाशने के साथ स्वयं रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी विकसित कर सकें।

कार्यशाला समन्वयक एवं कार्यानुभाग विभागाध्यक्ष डॉ. कमल गहतोड़ी ने बताया कि जनपद में कौशलम् कार्यक्रम के तहत 97 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं। इनमें 302 शिक्षक कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के साथ विभिन्न पाठ्यचर्याओं और गतिविधियों के माध्यम से उद्यमिता आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्ष के अंत में कौशलम् एक्सपो के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नवाचार और प्रतिभाओं के प्रदर्शन का अवसर भी मिलेगा।

उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की जिला प्रभारी नैना कार्यशाला में सहयोग प्रदान कर रही हैं। मास्टर ट्रेनर्स, एसआरजी सदस्यों और डायट प्रवक्ताओं द्वारा प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षकों को व्यवहारिक एवं अनुभवात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कौशलम् कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार की नई संभावनाओं के अनुरूप तैयार करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी