खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे, रिपोर्ट का इंतजार
चम्पावत, 12 अगस्त (हि.स.)। जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने शांत बाजार क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी मानकों का परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत फास्ट फूड सेंटर, बेकरी, मिष्ठान भंडार और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने एफएसएसएआई लाइसेंस की वैधता, खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति, रसोई की स्वच्छता तथा उपयोग में लाए जा रहे कच्चे माल की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खोया, मिठाई और पके हुए भोजन के तीन नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए राजकीय विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मानकों के विपरीत स्थिति पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को खाद्य सामग्री की शुद्धता बनाए रखने, स्वच्छता मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से समझौता जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, इसलिए नियमित निगरानी अभियान जारी रहेंगे।
अभियान के दौरान राज्य में एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर लागू प्रतिबंध का भी अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में कृत्रिम या मिलावटी पनीर का उपयोग अथवा बिक्री न की जाए। केवल शुद्ध दूध से निर्मित पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों का ही व्यापार किया जाए। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी और सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल रहे। विभाग ने भविष्य में भी विभिन्न बाजार क्षेत्रों में इसी प्रकार के निरीक्षण अभियान जारी रखने की बात कही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

