उद्यान विभाग ने किसानों और आईटीबीपी के बीच बनाई सीधी कड़ी
चंपावत, 11 जुलाई (हि.स.)। जनपद के स्थानीय काश्तकारों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में जिला उद्यान विभाग की पहल रंग लाने लगी है। इसी क्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की लोहाघाट स्थित 36वीं वाहिनी को दूसरी बार स्थानीय स्तर पर उत्पादित ताजी सब्जियों और फलों की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई है।
उद्यान विभाग के अनुसार आईटीबीपी की मांग पर 29 मई 2026 को 1165 किलोग्राम तथा 18 जून 2026 को 2920 किलोग्राम ताजी सब्जियां और फल सीधे वाहिनी तक पहुंचाए गए। इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार के बिचौलिये की भूमिका नहीं रही, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में सैन्य बलों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति प्रायः बाहरी ठेकेदारों के माध्यम से होती थी। ऐसे में स्थानीय किसानों को सीमित लाभ मिल पाता था। उद्यान विभाग ने आईटीबीपी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय उत्पादों की सीधे आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की है।
इस पहल से एक ओर सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को बड़ा और स्थायी बाजार मिला है, वहीं दूसरी ओर सीमा पर तैनात जवानों को ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां एवं फल उपलब्ध हो रहे हैं। विभाग का कहना है कि वर्तमान में आईटीबीपी की कुल मांग का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों से पूरा किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रशासन और उद्यान विभाग इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके तहत भविष्य में अन्य सैन्य एवं अर्द्धसैनिक प्रतिष्ठानों को भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
उद्यान विभाग की इस पहल को स्थानीय काश्तकारों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

