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करियर से कारोबार तक की समझ विकसित करेंगे शिक्षक, कौशलम् प्रशिक्षण

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करियर से कारोबार तक की समझ विकसित करेंगे शिक्षक, कौशलम् प्रशिक्षण


चंपावत, 22 अक्टूबर (हि.स.)। विद्यार्थियों में कौशल विकास और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) लोहाघाट में कौशलम् पाठ्यचर्या के तहत तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का अंतिम चरण शुरू हो गया है। इस चरण में कक्षा 12वीं को पढ़ाने वाले 55 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। जिले में इस वर्ष अब तक 300 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

डायट के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आशुतोष वर्मा ने प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर कहा कि कौशलम् कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की रोजगार संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में उपयोगी है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।

जिला कौशलम् समन्वयक डॉ. कमल गहतोड़ी ने बताया कि इस वर्ष कक्षा 9वीं और 10वीं के 190 तथा कक्षा 11वीं और 12वीं के 110 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को कक्षावार निर्धारित गतिविधियों से जोड़ेंगे।

इसके तहत कक्षा 9 में समस्या समाधान, कक्षा 10 में करियर के विकल्पों की पहचान, कक्षा 11 में प्रोजेक्ट एवं प्रोटोटाइप निर्माण तथा कक्षा 12 में व्यवसाय के विपणन और बाजार से जुड़ी जानकारी पर काम किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, समस्याओं का समाधान खोजने और व्यावसायिक संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

प्रशिक्षण के दौरान उद्यम फाउंडेशन की जिला ऑब्जर्वर नैना ने कौशल सारथी चैटबॉट में पंजीकरण और विद्यालयों में कौशलम् कार्यक्रम के संचालन की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर खीम सिंह बोहरा, नीरज जोशी, डॉ. ललित मोहन और देवेंद्र पुनेठा ने 21वीं सदी के कौशल, लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास, प्रोटोटाइप निर्माण तथा उत्पादों को बाजार से जोड़ने संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर डायट प्रवक्ता दीपक सोराड़ी, मनोज भाकुनी और डॉ. लक्ष्मी शंकर यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी