home page

उत्तराखंड में 32 हजार मकानसूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर जाकर होगी गणना

 | 
उत्तराखंड में 32 हजार मकानसूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर जाकर होगी गणना


-उत्तराखंड में 10 अप्रैल से जनगणना की शुरुआत, राज्यपाल करेंगे स्व-गणना से शुभारंभ

देहरादून, 08 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत 10 अप्रैल से की जाएगी। मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में तक़रीबन 32, 000 हजार मकानसूचीकरण ब्लाकों में घर-घर जाकर गणना की जाएगी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.वि.) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ओर से स्व-गणना के माध्यम से की जाएगी।

यह जानकारी बुधवार को जनगणना कार्य निदेशालय,गृह मंत्रालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2026 से जनगणना-2027 के पहले चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का शुभारंभ किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में यह चरण 25 अप्रैल से 24 मई तक 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। इससे पूर्व 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक प्रदेशवासियों को स्व-गणना की सुविधा दी जाएगी, जिसके तहत नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग इन कर स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे।

निदेशक के बताया कि यह भारत की पहली ऐसी जनगणना है जो पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर प्रणाली और स्व-गणना सुविधा से युक्त है। यह वेब-आधारित प्रणाली 16 क्षेत्रीय भाषाओं—असमिया, बंगाली, अंग्रेज़ी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम,मणिपुरी, मराठी,नेपाली,ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू—में उपलब्ध होगी।

राज्य में प्रथम चरण के अंतर्गत लगभग 30,000 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो करीब 32,000 मकानसूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे। इन कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए 650 बैच बनाए गए हैं,जिन्हें 2 नेशनल ट्रेनर, 23 मास्टर ट्रेनर और 555 फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मकानसूचीकरण चरण के दौरान आवास की स्थिति,घरेलू सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए जनवरी 2026 में 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं,जो नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक होंगे।

दूसरे चरण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हिमाच्छादित जिलों के चमोली,रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के 131 गांवों और 3 नगरीय क्षेत्रों में जनगणना कार्य सितंबर 2026 में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी आंकड़े पूर्णतः गोपनीय रखे जाते हैं और डिजिटल प्रणाली में उच्च स्तर की डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। नागरिकों से स्व-गणना या प्रगणकों के सहयोग के माध्यम से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।

पत्रकार वार्ता में संयुक्त निदेशक एस.एस. नेगी, उप निदेशक तान्या सेठ, आर.के. बनवारी, प्रवीन कुमार तथा पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय