प्रधान संगठन ने मांगों को लेकर किया सीडीओ कार्यालय पर तालाबंदी
गोपेश्वर, 22 सितम्बर (हि.स.)। चमोली जिला प्रधान संगठन ने दस सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध जताया। संगठन ने सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
जिला प्रधान संगठन के अध्यक्ष महाबीर सिंह रावत ने कहा कि ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दे लंबे समय से सरकार के समक्ष रखे जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से प्रधानों में रोष है। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख मांग है कि ग्राम पंचायतों में किसी भी विभाग से स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ग्राम पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने और पलायन रोकने में मदद मिलने का दावा किया गया है।
संगठन ने ग्राम प्रधानों का पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने की भी मांग की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास सर्वे-2024 में पात्र होने के बावजूद प्राथमिकता सूची में शामिल नहीं हो पाए जरूरतमंद ग्रामीणों के नाम सूची में शामिल करने की मांग उठाई गई।
प्रधानों ने 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन में प्रत्येक परिवार से प्रतिमाह 100 रुपये यानी सालाना 1200 रुपये कर लेने की व्यवस्था से ग्राम पंचायतों को मुक्त करने की मांग की। संगठन के अनुसार, कर नहीं लगाए जाने पर ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 16वें वित्त की धनराशि में 20 प्रतिशत कटौती का प्रावधान किया गया है। संगठन ने इस व्यवस्था में संशोधन की मांग की है।
जिला प्रधान संगठन ने चेतावनी दी कि दस सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष उमेश खंडूड़ी, महामंत्री महेंद्र सिंह बिष्ट, संरक्षक युद्धवीर सिंह फरस्वाण व रविंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष मंदोदरी गड़िया व अवतार सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी आशीष थपलियाल और विधि सलाहकार जयेंद्र झिंक्वाण आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

