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धामी मंत्रिमंडल में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी सहित कई प्रस्ताव मंजूर

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धामी मंत्रिमंडल में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी सहित कई प्रस्ताव मंजूर


देहरादून, 13 मई (हि. स.)। धामी मंत्रिमंडल में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने, चिकित्सा शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन के तहत होमस्टे, सेवा नियमावलियों से जुड़े सहित कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किए गए।

बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद सचिव शैलेश बगौली ने मीडिया को ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी के लिए प्रत्येक जिले में 10 गांवों का लक्ष्य तय किया गया है। चकबंदी के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति आवश्यक होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी और आपत्तियों के निस्तारण की भी व्यवस्था रहेगी।

सचिव बगौली ने बताया कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत शैक्षिक नियमावली को मंजूरी दी गई। इसमें मान्यता, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया तय की गई है।यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन कर 'निदेशक मंडल में नियुक्त, शब्द हटाया गया है। अब बाहरी व्यक्ति भी निदेशक पद के लिए पात्र होंगे।

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में 16 पदों को मंजूरी दी गई। यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए होम स्टे की सीमा छह कमरों से बढ़ाकर आठ कमरे कर दी गई। साथ ही संचालक का उसी परिसर में रहना अनिवार्य होगा और नवीनीकरण स्वतः हो सकेगा।

ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को 'समान कार्य, समान वेतन' का लाभ मिलेगा।

राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए कंप्यूटर ज्ञान के साथ 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज का ज्ञान अनिवार्य किया गया। सुगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर 'परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान' किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली से संबंधित दो नए पद भी सृजित किए जाएंगे।

लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित होंगे। गृह विभाग के फॉरेंसिक के लिए 15 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई। डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त कर दी गई है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर के स्थान पर प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी। वन स्वीकृति मिलने के बाद परियोजनाओं के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय