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धामी मंत्रिमंडल के बड़े फैसले: पशुपालकों, श्रमिकों और युवाओं को राहत, हाईकोर्ट परिसर व गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार को मंजूरी

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धामी मंत्रिमंडल के बड़े फैसले: पशुपालकों, श्रमिकों और युवाओं को राहत, हाईकोर्ट परिसर व गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार को मंजूरी


देहरादून, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पशुपालन, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, खेल, न्यायिक बुनियादी ढांचे, पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी, जिसमें हल्द्वानी में उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए 30 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय भी शामिल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों को दी।

मंत्रिमंडल ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से करीब 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल किया गया है। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस भी खरीद सकेंगे। पशु की इकाई लागत 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। सरकार के अनुसार, पहले वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा।

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान किए गए हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए भी नई नियमावली को मंजूरी दी गई। इसके तहत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास और भोजन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

मंत्रिमंडल ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन को मंजूरी दी। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण व स्थानीय समुदायों के समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों के लिए आउटसोर्स व्यवस्था को भी स्वीकृति दी गई है।

दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हित में सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाकर न्यायालय द्वारा घोषित मानसिक अक्षमता संबंधी प्रावधान शामिल किए जाएंगे।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजनाओं के हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।

उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा संशोधन विनियमावली, 2026 को लागू करते हुए स्केलर पदों की भर्ती में 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है।

मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने को भी मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों, हड़ताल एवं तालाबंदी की प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय