जेंडर बजट का आकार बढ़ा, महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में बढ़े प्रावधान
देहरादून, 09 मार्च (हि.स.)। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जेंडर बजट का आकार बढ़ाने के साथ ही विभिन्न महिला-केंद्रित योजनाओं में उल्लेखनीय प्रावधान किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस वर्ष जेंडर बजट को बढ़ाकर लगभग ₹19,692 करोड़ किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
सरकार का कहना है कि जेंडर बजटिंग के माध्यम से महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को गति दी जाएगी। बजट में प्रसूता महिलाओं, बालिकाओं, विधवाओं और मातृशक्ति के कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि का प्रावधान किया गया है।
सरकार का दावा है कि जेंडर बजbट में वृद्धि और योजनाओं के लिए बढ़े प्रावधान राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई गति देंगे और मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान तथा आर्थिक भागीदारी को सुनिश्चित करेंगे।
प्रमुख योजनाएं और प्रावधान:
निर्भया फंड -112.02 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना-30 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना -25 करोड़
वात्सल्य योजना -15 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना-13.44 करोड़
ईजा-बोई शगुन योजना-14.13 करोड़
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान- 5 करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि -8 करोड़
आपदा सखी योजना-2 करोड़
इसके अलावा, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत -598.33 करोड़ और प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए-149.45 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने का लक्ष्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

