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देहरादून के 170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से वंचित

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देहरादून के 170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से वंचित


देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले के 170 गांव अभी भी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के मोबाइल नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। जिले के कुल 767 गांवों में से 597 में बीएसएनएल की कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यह जानकारी गुरुवार को जिला दूरसंचार समिति की समीक्षा बैठक में सामने आई।

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले देहरादून जिले के नेटवर्क विहीन और कमजोर मोबाइल कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की कवायद तेज की गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को जिला दूरसंचार समिति और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जाए। जिले के चिह्नित 19 शैडो एरिया में से सात मसूरी और 12 चकराता विधानसभा क्षेत्र में हैं। संबंधित दूरसंचार कंपनियों को आचार संहिता लागू होने से पहले जिले के सभी चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर स्थापित करने में राजस्व या वन भूमि से जुड़ी बाधाएं आने पर संबंधित विभागों से समन्वय कर उनका शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही दूरसंचार कंपनियों को अपने टावरों का स्थलीय निरीक्षण कर निष्क्रिय टावर तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में किसी कंपनी का टावर नहीं है, वहां भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को प्राथमिकता के आधार पर टावर स्थापना की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने को कहा गया।

बैठक में बीएसएनएल अधिकारियों ने बताया कि जिले के 767 गांवों में से 597 में नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध है,जबकि 170 गांव अब भी इससे वंचित हैं। कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली के बीच वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आ रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए चौथी पीढ़ी (4जी) मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। 4जी टावर संतृप्ति परियोजना के तहत 24 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मंजूर हुए थे, जिनमें से 22 में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। रायपुर और सहसपुर की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि संबंधी अड़चनों के कारण काम लंबित है।

भारतनेट परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि पहले चरण में 209 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया था, लेकिन फाइबर केबल कटने से 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित है। दूसरे चरण में 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को जोड़ा जा चुका है, जबकि 39 में काम जारी है।

जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्राम पंचायतों में नेटवर्क बहाल करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट के तहत फाइबर कनेक्टिविटी का काम शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, बीएसएनएल के डीजीएम रणवीर सिंह चौहान और विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय