home page

सड़क सुरक्षा और बाल श्रम उन्मूलन का संदेश, हरिद्वार में निकली जागरूकता रैली

 | 
सड़क सुरक्षा और बाल श्रम उन्मूलन का संदेश, हरिद्वार में निकली जागरूकता रैली


हरिद्वार, 12 जून (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के तत्वावधान में शुक्रवार को सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त ने कोर्ट परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया।

इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना और सड़क पर जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहेगा तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल कानून की सख्ती से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और आत्म-अनुशासन से ही सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान विधि के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। छात्रों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और शराब पीकर वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। उनके जीवंत अभिनय ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व से रूबरू कराया।

रैली में परिवहन विभाग की ओर से वरुणा सैनी सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र, एलएडीसी अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, प्राधिकरण का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरन जीत कौर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर भी जागरूकता अभियान

इसी दिन विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पैड़ी क्षेत्र में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

शिविर के दौरान बच्चों और स्थानीय नागरिकों को बाल श्रम निषेध कानूनों तथा बच्चों के अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार है तथा बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक बुराई है। इसके साथ ही संबंधित विभागों द्वारा हर की पैड़ी क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे बाल श्रम को बढ़ावा न दें और किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा के अधिकार से वंचित न होने दें। अधिकारियों ने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही बाल श्रम जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला