उत्तराखंड में एशियन वाटरबर्ड सेंसस संपन्न, असन वेटलैंड में पक्षियाें की 126 प्रजातियां हुई दर्ज
आसन बैराज, 18 जनवरी (हि. स.)। उत्तराखंड में एशियन वाटरबर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) 2026 का आयोजन रविवार को असन वेटलैंड में संपन्न हुआ। सेंसस के दौरान असन वेटलैंड क्षेत्र में कुल 126 पक्षी प्रजातियाें के कुल संख्या 5806 दर्ज की गई। इनमें छह प्रजातियां संकटग्रस्त अथवा निकट संकटग्रस्त श्रेणी की पाई गईं।
यह आयाेजन नागरिक विज्ञान आधारित अभियान अंतरराष्ट्रीय वाटरबर्ड सेंसस का हिस्सा है, जो इस वर्ष 40वां एशियन वाटरबर्ड सेंसस और 60वां इंटरनेशनल वाटरबर्ड सेंसस मना रहा है। सेंसस में पक्षी प्रेमियों, छात्रों, स्वयंसेवकों और वन विभाग के कार्मिकों ने सर्दियों के मौसम में प्रवासी और स्थानीय जलीय पक्षियों की निगरानी की। असन वेटलैंड क्षेत्र में कुल 126 पक्षी प्रजातियाें के कुल संख्या 5806 दर्ज की गई। इनमें छह प्रजातियां संकटग्रस्त अथवा निकट संकटग्रस्त श्रेणी की पाई गईं। इनमें स्टेप ईगल, इजिप्शियन वल्चर और पैलास फिश ईगल को संकटग्रस्त श्रेणी में, कॉमन पोचार्ड को संवेदनशील श्रेणी में तथा फेरुगिनस डक, एशियन वूली नेक्ड स्टॉर्क और रिवर लैपविंग को निकट संकटग्रस्त श्रेणी में दर्ज किया गया। सेंसस की प्रमुख उपलब्धि रुडी शेलडक की सर्वाधिक 983 संख्या का रिकॉर्ड रही, जबकि बार हेडेड गूज, ग्रेलैग गूज, कॉमन पोचार्ड और फेरुगिनस डक की मजबूत उपस्थिति ने असन वेटलैंड को प्रवासी जलपक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में फिर से रेखांकित किया।
इस सेंसस में कुल 27 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें अनुभवी बर्डवाचर्स, स्थानीय गाइड और वन कर्मी शामिल रहे। पिछले वर्षों की तुलना में 2026 में प्रजातियों की संख्या स्थिर रही, जबकि पक्षियों की कुल संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2024 में 141 प्रजातियां और 5228 पक्षी दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में 118 प्रजातियां और 5287 पक्षी पाए गए थे। 2026 में राज्य स्तर पर अधिक स्थलों को कवर किए जाने के साथ आर्द्रभूमि निगरानी को और सुदृढ़ किया गया।
सेंसस के माध्यम से उत्तराखंड की आर्द्रभूमियों की वर्तमान स्थिति सामने आई है, साथ ही प्रदूषण, अतिक्रमण और मानवजनित दबाव जैसे खतरों की पहचान भी की गई है। ईबर्ड और आर्द्रभूमि आकलन प्रपत्रों के जरिए संकलित आंकड़े सेंट्रल एशियन फ्लाईवे के अंतर्गत संरक्षण रणनीतियों को मजबूती प्रदान करेंगे। एशियन वाटरबर्ड सेंसस 2026 का आयोजन उत्तराखंड वन विभाग, उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड और ई-बर्ड इंडिया के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में राज्य एडब्ल्यूसी समन्वयक संजय सोंधी, वन विभाग से प्रदीप सक्सेना, वरिष्ठ पक्षी पर्यवेक्षक आंचल सोंधी, अजय शर्मा, डॉ वैभव महेश गुप्ता और ई परियोजना समन्वयक कुमारी रिया जैन सहित कई विशेषज्ञ और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

