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सेना का 16 सदस्यीय दल 145 किमी व्हाइट वॉटर राफ्टिंग अभियान पर रवाना

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सेना का 16 सदस्यीय दल 145 किमी व्हाइट वॉटर राफ्टिंग अभियान पर रवाना


देहरादून, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य कमान के मेजर जनरल पी.के. तिवारी ने आर्मी सर्विस कोर के 16 सदस्यीय दल को मंगलवार को देहरादून स्थित एएससी यूनिट क्लेमेंटाउन से व्हाइट वॉटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन-2026 के लिए रवाना किया। यह अभियान सात से 11 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके तहत दल रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक करीब 145 किलोमीटर की नदी यात्रा पूरी करेगा।

अभियान का उद्देश्य सैन्यकर्मियों में साहस, दृढ़ता, नेतृत्व, अनुशासन और दल भावना को बढ़ावा देने के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैन्य कौशल एवं शारीरिक-मानसिक क्षमता का प्रदर्शन करना है। दल में दो अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी और 12 अन्य रैंक के सैन्यकर्मी शामिल हैं। अभियान की वास्तविक नदी यात्रा सात अक्टूबर को रुद्रप्रयाग से शुरू होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में दल रुद्रप्रयाग से धारी देवी मंदिर, दूसरे चरण में धारी देवी मंदिर से श्रीनगर, तीसरे चरण में श्रीनगर से देवप्रयाग, चौथे चरण में देवप्रयाग से कौड़ियाला और अंतिम चरण में कौड़ियाला से ऋषिकेश तक राफ्टिंग करेगा। अभियान के दौरान दल अलकनंदा नदी की तेज और चुनौतीपूर्ण धाराओं को पार करते हुए देवप्रयाग पहुंचेगा। यहां अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम होने के बाद दल गंगा नदी में प्रवेश करेगा और कौड़ियाला होते हुए ऋषिकेश तक अपनी यात्रा जारी रखेगा।

आर्मी सर्विस कोर की ओर से इससे पहले वर्ष 2022 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में श्वेत जल नौका अभियान आयोजित किया गया था। इसके बाद विभिन्न इकाइयों में कार्मिकों की तैनाती और अन्य कारणों से इस तरह का अभियान आयोजित नहीं हो सका। इस परंपरा को फिर शुरू करने की पहल महानिदेशालय आपूर्ति एवं परिवहन की ओर से की गई और अभियान की जिम्मेदारी मध्य कमान को सौंपी गई। इसके संचालन का दायित्व 514 आर्मी सर्विस कोर बटालियन को दिया गया।

अभियान दल का चयन स्वयंसेवकों से प्राप्त आवेदनों के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। मध्य कमान और यूबी क्षेत्र के मार्गदर्शन में जुलाई-अगस्त में चयन प्रक्रिया पूरी की गई। चयनित 16 सदस्यीय दल ने 21 सितंबर से तीन अक्टूबर तक एएएनसी, रायवाला में मूलभूत श्वेत जल नौका प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान दल के सदस्यों को नदी की धाराओं, राफ्ट संचालन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने का अभ्यास कराया गया।

सेना के अनुसार यह अभियान सैन्यकर्मियों को साहसिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता और आपसी समन्वय को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगा। अभियान का समापन 11 अक्टूबर को ऋषिकेश में होगा।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय