हरिद्वार में 26 मदरसों ने मान्यता के लिए किया आवेदन
हरिद्वार, 02 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद मदरसों को नियमित शिक्षा व्यवस्था के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। हरिद्वार जिले में अब तक 26 मदरसों ने आवेदन किया है, जबकि अन्य संस्थानों से भी लगातार आवेदन मिल रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अमित कुमार चंद ने बताया कि हरिद्वार में करीब 250 मदरसे संचालित हैं। सभी मदरसों को भवन, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षण व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों समेत निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। विभागीय जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाएगी। आवेदन जमा करने की फिलहाल कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है, लेकिन विभाग चाहता है कि सभी मदरसे शीघ्र आवेदन करें ताकि सत्यापन और मान्यता की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी हो सके।
प्रदेश सरकार ने एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश के 452 मदरसों को इसी प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी। इनमें लगभग 400 मदरसे कक्षा एक से आठ व 52 मदरसे कक्षा नौ से 12 तक संचालित हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने हरिद्वार जिले के 131 मदरसों का निरीक्षण किया था, जिसमें 23 मदरसों में अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद 11 मदरसों की पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना की धनराशि पर रोक लगा दी गई है। विभाग के सामने उन मदरसों की मान्यता एक बड़ी चुनौती है, जो स्वयं की भूमि के बजाय वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर संचालित हो रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

