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अंकिता हत्याकांड: 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए गए थे तीनों आरोपित

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अंकिता हत्याकांड: 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए गए थे तीनों आरोपित


-एसआईटी ने 88 दिन में जांच पूरी कर अदालत में दाखिल किया था आरोपपत्र

देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड पुलिस ने वर्ष 2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड का खुलासा होने के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 88 दिन में जांच पूरी कर करीब 500 पृष्ठों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों को हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्यवाही के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई थी। इसकी अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई थी।

मुरुगेशन के अनुसार, एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके अलावा आरोपियों से पूछताछ की गई तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का विश्लेषण किया गया। जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया।

उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी के लिए शासन की ओर से आवश्यक प्रयास किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय