गुरुकुल कांगड़ी में पुरातन छात्र संवाद, विद्यार्थियों को बताए तकनीकी क्षेत्र में करियर के अवसर
हरिद्वार, 27 अक्टूबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में मंगलवार को विशेष पुरातन छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्युत अभियांत्रिकी शाखा के वर्ष 2010 बैच के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में कार्यरत मयंक शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
मयंक शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ अपने 15 वर्षों के व्यावसायिक अनुभव साझा किए और तकनीकी क्षेत्र में उभरते अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए मेघ संगणना (क्लाउड कंप्यूटिंग), श्रृंखला खंड तकनीक (ब्लॉकचेन) और व्यवहार कुशलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है।
विद्यार्थियों को प्रभावी संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास, सामूहिक कार्य और व्यावहारिक दक्षताओं पर विशेष ध्यान देना होगा। तकनीकी ज्ञान के साथ इन कौशलों का समन्वय ही उन्हें उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करता है।
कार्यक्रम में द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रोजगार के अवसरों, करियर निर्माण तथा उद्योग की मांगों को लेकर सवाल पूछे।
संकायाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग जगत के बीच की दूरी को कम करते हैं। पूर्व छात्रों के अनुभव विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की चुनौतियों को समझने में मदद करते हैं।
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के गजेंद्र रावत ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कौशल विकास को प्रोत्साहित करते हैं।
इस अवसर पर प्रो. विपुल शर्मा, डॉ. मुरली मनोहर तिवारी, डॉ. देवेश जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

