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एआई पत्रकारिता का सहायक, विकल्प नहीं: पीयूष पांडेय

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एआई पत्रकारिता का सहायक, विकल्प नहीं: पीयूष पांडेय


-उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की संगोष्ठी में डीपफेक और फर्जी खबरों के प्रति किया सचेत

हरिद्वार, 24 अक्टूबर (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पत्रकारिता में खबरों के विश्लेषण, आंकड़ों की पड़ताल और रिपोर्टिंग को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता के लिए तथ्यों का सत्यापन और संपादकीय विवेक जरूरी है। एआई पत्रकार का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक उपकरण है। यह बात शनिवार को उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की हरिद्वार इकाई की ओर से आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने कही।

होटल पार्क ग्रांड में ‘एआई पत्रकारिता में चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज ने की। कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि और अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य मनोज गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वरिष्ठ पत्रकार एवं एआई विशेषज्ञ पीयूष पांडेय मुख्य वक्ता रहे।

पीयूष पांडेय ने कहा कि एआई बड़े आंकड़ों के विश्लेषण, ऑडियो-वीडियो के लिप्यंतरण, भाषा अनुवाद और खबरों के शुरुआती मसौदे तैयार करने में उपयोगी है। हालांकि, यह उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर परिणाम देता है, इसलिए किसी भी सामग्री को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों और स्रोतों की जांच आवश्यक है। उन्होंने डीपफेक और एआई से तैयार की जाने वाली फर्जी खबरों को पत्रकारिता के लिए चुनौती बताते हुए इनके प्रति सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया।

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। पत्रकारिता की मूल भावना मानवीय संवेदना और सत्यनिष्ठा में निहित है। मशीन तेजी से सूचनाएं जुटा सकती है, लेकिन तथ्यों की वास्तविकता परखने में पत्रकार की सजगता और विवेक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए बदलते दौर की चुनौतियों को अवसर में बदलना होगा।

इस अवसर पर गुलशन नैयर, बृजेंद्र हर्ष, जगदीश शर्मा, अविक्षित रमन, संजय आर्य, संजय रावल, राजेंद्र नाथ गोस्वामी, ओम गौतम फक्कड़ और अवधेश शिवपुरी सहित दो दर्जन वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनीकांत शुक्ला ने किया, जबकि अनिरुद्ध भाटी ने आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला