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चमत्कार: गंगनहर में गिरी बुजुर्ग महिला एक किलोमीटर तक बहती रही

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चमत्कार: गंगनहर में गिरी बुजुर्ग महिला एक किलोमीटर तक बहती रही


हरिद्वार, 06 जून (हि.स.)। तीर्थनगरी हरिद्वार में हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। गंगनहर के तेज बहाव में गिरने के बाद एक बुजुर्ग महिला करीब एक किलोमीटर तक बहती रही, लेकिन एक युवक की सतर्कता, पुलिस की तत्परता और महिला के अद्भुत धैर्य के चलते उसकी जान बच गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।

घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। जटवाड़ा पुल के पास से गुजर रहे स्थानीय युवक अंकित चौधरी की नजर गंगनहर में बह रही एक महिला पर पड़ी। शुरुआत में उन्हें लगा कि पानी में कोई शव बह रहा है, लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा तो महिला के शरीर में हलचल दिखाई दी। यह समझते ही कि महिला जीवित है और मदद की जरूरत में है, अंकित ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस और जल पुलिस की रेस्क्यू टीम तत्काल सक्रिय हो गई। मौके पर पहुंचकर महिला को बचाने के लिए रेगुलेटर पुल के पास महिला की ओर रस्सी फेंकी गई, जिसे महिला ने मजबूती से पकड़ लिया। तेज बहाव और उफनती लहरों के बीच महिला को रस्सी के सहारे संघर्ष करते देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई उसकी सलामती की दुआ कर रहा था।

रेस्क्यू अभियान के दौरान कुछ स्थानीय युवक दूसरी रस्सी के सहारे गंगनहर में उतरे और काफी मशक्कत के बाद महिला तक पहुंचे और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि महिला पूरी तरह होश में थी और रेस्क्यू के दौरान लगातार सहयोग करती रही।

हरिद्वार के कनखल क्षेत्र की रहने वाली इस महिला ने बताया कि गंगा घाट पर अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया था, जिसके कारण वह गंगनहर में गिर गईं और तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहाकर ले गया। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार खुद को संभाले रखा।

ज्वालापुर के क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि सूचना मिलने में थोड़ी भी देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकित चौधरी की सतर्कता काम आई, यदि उन्होंने महिला को पहचानकर समय रहते सूचना न दी होती, तो शायद उसे बचाना संभव नहीं हो पाता।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला