उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के सुधार के लिए 461 करोड़ रुपये स्वीकृत
देहरादून, 04 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड को भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत कार्यों के लिए 461 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस स्वीकृति के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थलों के उपचार के लिए 233 करोड़ व पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए 228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह पहल न केवल आपदा जोखिम को कम करने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, उत्तराखंड में धरासू से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। यह मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रहा है, जिसके कारण कई बार यातायात बाधित होता है और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने से इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी, जिससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर तवाघाट-घटियाबागड़ खंड में भूस्खलन संभावित स्थलों के उपचार से सीमांत क्षेत्रों तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह स्वीकृति प्रदेश के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

