केदार ताल के सर्वेक्षण को रवाना हुई विशेषज्ञों की टीम
उत्तरकाशी, 15 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय हिमनद झील विस्फोट बाढ़ जोखिम शमन कार्यक्रम के तहत केदार ताल का वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं स्थलीय संयुक्त निरीक्षण के लिए मंगलवार को विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों की 20 सदस्यीय दल गंगोत्री के लिए रवाना हो गई है। टीम बुधवार को गंगोत्री से केदार ताल के लिए रवाना होगी।
मंगलवार को केदार ताल का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने के लिए पहुंची 20 सदस्य संयुक्त टीम को डीएम प्रशांत आर्य ने जीएमवीएन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संयुक्त टीम केदार ताल में 21 सितंबर तक बैथमेट्री सर्वेक्षण के साथ केदार ताल का विस्तृत सर्वेक्षण कर आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन कर क्षेत्र में संभावित आपदा जोखिमों का आंकलन करेगी।
इस महत्वपूर्ण अभियान में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण,वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान देहरादून, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रूड़की, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीरबल साहनी पुरा वनस्पति विज्ञान संस्थान लखनऊ, आईटीबीपी तथा जिला प्रशासन एवं विशेषज्ञ शामिल है।
दल बुधवार को 3800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भोज खड़ग बेस कैंप में रात्री विश्राम करेगा। इसके बाद अगले दिन केदार खड़ग व केदार ताल पहुंचेगा। जहां संयुक्त टीम केदार ताल व हिमालयी क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियल झीलों का वैज्ञानिक अध्यन करेगी।
मंगलवार को दल रवाना करते हुए डीएम प्रशांत आर्य ने अभियान में शामिल सभी विशेषज्ञों, अधिकारियों एवं पर्वतीय पोर्टर दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान चुनौतीपूर्ण होते हैं, लेकिन विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के आपसी समन्वय से अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।
कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियल झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन आपदा प्रबंधन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्लेशियल झीलों की गहराई, जल की मात्रा, झील के आसपास की भौगोलिक स्थिति तथा समय के साथ होने वाले बदलावों की जानकारी से संभावित हिमनद झील विस्फोट बाढ़ के जोखिम का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
केदार ताल में होने वाले इस सर्वेक्षण के दौरान जुटाए जाने वाले आंकड़ों का उपयोग भविष्य में संभावित जोखिमों की पहचान, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा आपदा की स्थिति में प्रभावी तैयारी एवं प्रतिक्रिया की कार्ययोजना तैयार करने में मदद करेगा। इस मौके पर अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चंद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

