चीन के नए कानून के विरोध में तिब्बती शरणार्थी समुदाय का प्रदर्शन
नैनीताल, 03 अगस्त (हि.स.)। चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने बीते माह एक जुलाई 2026 से चीन और तिब्बत में ‘एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस लॉ’ लागू किया है। इसके विरोध में नैनीताल में रहने वाले तिब्बती शरणार्थी समुदाय के बड़ी संख्या में एकत्र होकर प्रदर्शन किया और मल्लीताल तिब्बती मार्केट से बड़ा बाजार, मॉल रोड होते हुए तल्लीताल डांठ तक जुलूस निकालकर चीन सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
तिब्बती समुदाय के लोगों ने बताया कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने एक जुलाई 2026 से चीन और तिब्बत में ‘एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस लॉ’ लागू किया है। उनका आरोप है कि इस कानून के माध्यम से विभिन्न जातीय समूहों पर जबरन चीन की मंदारिन भाषा, कम्युनिस्ट विचारधारा और चीनी संस्कृति थोपने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस कानून से तिब्बत की विशिष्ट संस्कृति, भाषा और पहचान समाप्त होने का खतरा है।
उन्होंने यह भी कहा कि दो जुलाई को लोगा रंगत्सेन ने इस कानून के विरोध में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक चीन इस कानून को वापस नहीं लेता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

