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, डीएम ने जल स्रोत संरक्षण और समय पर कार्य पूरे करने के दिए निर्देश

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, डीएम ने जल स्रोत संरक्षण और समय पर कार्य पूरे करने के दिए निर्देश


पौड़ी गढ़वाल, 24 जुलाई (हि.स.)। अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जल स्रोतों के संरक्षण, जल गुणवत्ता की निगरानी और सभी परियोजनाओं को समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि केवल पाइपलाइन बिछाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जल स्रोतों का संरक्षण और भूजल पुनर्भरण भी प्राथमिकता में रखा जाए।

बैठक में दुगड्डा पंपिंग पेयजल योजना का कार्य शुरू होने, थलीसैंण योजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने और सतपुली योजना के शेष कार्यों में तेजी लाने की जानकारी दी गई। वहीं पौड़ी पंपिंग पेयजल योजना को 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के जल स्रोतों का भूजल वैज्ञानिकों से निरीक्षण कराया जाए तथा वितरण लाइनों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्गठन कर अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जल गुणवत्ता की नियमित जांचव दीर्घकालिक जल उपलब्धता के लिए स्रोत संवर्धन को भी अनिवार्य बताया।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि नगर क्षेत्रों से सटे ऐसे गांव, जिन्हें अमृत 2.0 योजना से जोड़ा जा सकता है, उनके लिए जल संस्थान और जल निगम संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वच्छ पेयजल का लाभ मिल सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, अधीक्षण अभियंता मो. मिशम, प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता टी.एस. रावत, सुभाष चंद्र भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह