बड़े बकायदार एक माह में लौटा दें बैंक का पैसाः सुभाष
नई टिहरी, 25 सितंबर (हि.स.)। जिला सहकारी बैंक टिहरी की बोर्ड बैठक में ध्वनिमत से 20 बड़े बकायेदारों के खिलाफ वसूली का प्रस्ताव पारित किया गया। कहा कि ऐसे डिफाल्टरों के विरुद्ध सरफेसी एक्ट के तहत आरसी काटी जाएगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यहां डीसीबी बैंक मुख्यालय में अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला की अध्यक्षता में सहकारी बैंक की बोर्ड बैठक में कई निर्णय लिए गए। अध्यक्ष रमोला ने कहा कि बैंक का पैसा मारने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कहा 20 बड़े बकायेदारों जिन पर 30 से 40 लाख रुपए तक का ऋण लंबित है, लेकिन वे लौटाने को तैयार नहीं है। ऐसे लोग यदि एक माह के भीतर पैसा जमा नहीं करेंगे तो उनकी आरसी काटी जाएगी।
कहा कि सहकारी बैंक को राष्ट्रीयकृत बैंक के मुकाबले खड़ा करने के लिए सरकार और सहकारिता विभाग कार्य कर रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि नए शिक्षक जो बैंक में सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) बनाना चाहते हैं, उनसे बैंक कोई भी प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लेगा। ऐसे शिक्षकों को बैंक की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में जीरो प्रतिशत ब्याज पर दिए जाने वाले ऋण की भी समीक्षा की गई। इस मौके पर सचिव, महाप्रबंधक राहुल गैरोला, नाबार्ड के डीजीएम आनंद शुक्ला, निदेशक जयवीर मियां, जयवीर बिष्ट, सूरज बिष्ट, अनिता कोठारी, रोशनी राणा, पूनम बंकवान, कृष्णा रतूड़ी, डीजीएम चिराग बिष्ट, भूपेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

