home page

ऋतु खण्डूड़ी ने राम माधव से की शिष्टाचार भेंट, उत्तराखंड की विरासत पर चर्चा

 | 
ऋतु खण्डूड़ी ने राम माधव से की शिष्टाचार भेंट, उत्तराखंड की विरासत पर चर्चा


ऋतु खण्डूड़ी ने राम माधव से की शिष्टाचार भेंट, उत्तराखंड की विरासत पर चर्चा


-कण्वाश्रम, कोटद्वार की पक्षी संपदा और रम्माण पर आधारित पुस्तकें भेंट कीं

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी राम माधव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने राम माधव को प्रदेश प्रभारी नियुक्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राम माधव को उत्तराखंड की विरासत और कोटद्वार क्षेत्र की विशिष्टताओं से परिचित कराने के उद्देश्य से तीन पुस्तकें भेंट कीं। इनमें ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’,‘वाइब्रेंट बर्ड्स ऑफ कोटद्वार’ और प्रदेश की पारंपरिक लोकनाट्य कला ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक शामिल हैं।

ऋतु खण्डूड़ी ने ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक के माध्यम से कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व और भारतवर्ष की सांस्कृतिक चेतना से जुड़े इसके संदर्भों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक कला एवं कॉफी टेबल बुक श्रेणी में देशभर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। यह उपलब्धि कोटद्वार की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

उन्होंने ‘वाइब्रेंट बर्ड्स ऑफ कोटद्वार’ पुस्तक के माध्यम से कोटद्वार क्षेत्र की समृद्ध पक्षी संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को रेखांकित किया। वहीं, ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक के जरिए उत्तराखंड की पारंपरिक लोककलाओं, लोकविश्वासों और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की विशेषताओं से अवगत कराया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोकपरंपराएं, ऐतिहासिक स्थल, पारंपरिक कलाएं और सांस्कृतिक विरासत भी प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और प्रचार-प्रसार आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ प्रदेश की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। कण्वाश्रम जैसी ऐतिहासिक धरोहर और क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता उत्तराखंड की विविधतापूर्ण विरासत को प्रदर्शित करती हैं। इनसे संबंधित साहित्य के माध्यम से प्रदेश की विशिष्टताओं को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सकता है।

इसके बाद ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय