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डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावास अक्टूबर तक हों तैयार: धामी

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डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावास अक्टूबर तक हों तैयार: धामी


देहरादून, 07 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं।

मुख्यमंत्री आवास सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के एकीकरण (इंटीग्रेशन) पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड का मॉडल देश के लिए ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक औपचारिकताओं से नहीं गुजरना पड़े।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत जून-2026 की पेंशन राशि डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। उन्होंने 9,80,950 लाभार्थियों को कुल 145.42 करोड़ रुपये जारी किए। इसमें केंद्र सरकार का अंश 7.02 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का अंश 138.40 करोड़ रुपये रहा।

जारी राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6,11,245 लाभार्थियों को 91.69 करोड़ रुपये, विधवा पेंशन के 2,35,850 लाभार्थियों को 35.38 करोड़ रुपये, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को 13.32 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को 3.26 करोड़ रुपये तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।

बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति छात्र निर्धारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, जबकि आवश्यकता होने पर राज्य सरकार अतिरिक्त राशि देकर आधुनिक छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और राज्य सरकार इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण विभाग के सचिव तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय