सिडकुल में श्रमिक आंदोलन तेज, वेतन बढ़ोतरी पर अंडे कर्मचारी
हरिद्वार, 14 मई (हि.स.)। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न कंपनियों में कार्यरत हजारों कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। श्रमिकों की मुख्य मांग है कि वर्तमान में मिलने वाले 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन को बढ़ाकर 15 से 20 हजार रुपये किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का पालन-पोषण किया जा सके।
बताया जा रहा है कि आंदोलन की शुरुआत कुछ कंपनियों से हुई थी, लेकिन अब इसकी चिंगारी अन्य फैक्ट्रियों तक पहुंच चुकी है। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनियां ठेकेदारी प्रथा के जरिए कर्मचारियों का शोषण कर रही हैं और आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलन शुरू करने वाले कुछ श्रमिकों पर मुकदमे भी दर्ज कराए गए, जिससे कर्मचारियों में और अधिक नाराजगी फैल गई।
श्रमिकों का कहना है कि कंपनियों ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दबाव बनाया। कर्मचारियों के खिलाफ यह कहते हुए मुकदमे दर्ज कराए गए कि उनके काम बंद करने से कंपनियों को आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि आंदोलनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को कई कंपनियों के हजारों श्रमिक श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि श्रम विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहा है और कंपनियों के पक्ष में रवैया अपनाया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वरुण बालियान ने कहा कि श्रम विभाग और कंपनियों के बीच बैठकों में जो आश्वासन दिए जाते हैं, उनका पालन नहीं किया जाता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि श्रमिकों का शोषण बंद नहीं हुआ और वेतन वृद्धि की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।
फिलहाल प्रशासन और खुफिया तंत्र स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन श्रमिकों की बढ़ती एकजुटता ने औद्योगिक क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में हरिद्वार का औद्योगिक माहौल और अधिक प्रभावित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

