साधुराम का बड़ा सियासी दांव, बीजेपी ज्वाइन करने की तैयारी
हरिद्वार, 04 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। ग्राम धारीवाला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य और बादशाहपुर सहकारी समिति के पूर्व प्रशासक व डायरेक्टर साधुराम चौहान ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सन 2000 में कांग्रेस का दामन थामने वाले साधुराम चौहान ने करीब 26 साल तक पार्टी में रहकर सक्रिय राजनीति की, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस की नीतियों से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी है।
साधुराम चौहान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत के करीबी माने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना कांग्रेस संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार साधुराम चौहान एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के संपर्क में हैं और जल्द ही अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता में साधुराम चौहान ने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत नीतियों और क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने हरिद्वार ग्रामीण विधायक पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा और जनता की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। चौहान बिरादरी में मजबूत पकड़ रखने वाले साधुराम चौहान का कांग्रेस छोड़ना आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले एक साल में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। धर्मेंद्र चौधरी (अम्बुवाला), रमेश चंद (बहादुरपुर जट), राजवीर सैनी (शाहपुर शीतलाखेड़ा), देशराज सैनी (रानीमाजरा), नसीम अंसारी व हनीफ अंसारी (पदार्था मुस्तफाबाद), इरशाद अली (नसीरपुर कलां) और मुकर्रम अंसारी (सराय) पहले ही कांग्रेस छोड़ चुके हैं। इससे हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान मदन सिंह, जगत सिंह, रकम सिंह, मलखान सिंह, सुरेश कुमार, महक सिंह, जगदीश, राजपाल और धीरज सिंह सहित कई समर्थक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

