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कैंची धाम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की ‘बर्थ वेटिंग होम’ की सुविधा

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कैंची धाम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की ‘बर्थ वेटिंग होम’ की सुविधा


नैनीताल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों से प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना गर्भवती महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दी जा रही ‘बर्थ वेटिंग होम’ की सुविधा प्रसव की संभावित तिथि से पहले महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक ठहराने में मददगार साबित हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के विशालकोट गांव निवासी भावना का गांव गरमपानी से लगभग 32 किलोमीटर दूर है। प्रसव की संभावित तिथि नजदीक आने पर उन्हें गरमपानी स्थित बर्थ वेटिंग होम में ठहराया गया। इसके बाद गरमपानी स्वास्थ्य केंद्र में उनका सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया।

इसी तरह गरमपानी से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सिल्टोना निवासी हीरा देवी और 14 किलोमीटर दूर स्थित कोरल हल्सो ग्राम निवासी हेमा देवी व कल्पना ने भी बर्थ वेटिंग होम की सुविधा का लाभ लिया। सभी को प्रसव के दौरान समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिली और गरमपानी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बर्थ वेटिंग होम का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से पहले स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है। कैंची धाम क्षेत्र में यातायात और जाम की संभावना को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर जरूरत के अनुसार उन्हें बर्थ वेटिंग होम में ठहराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने आशा और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तथा उनके स्वजनों को इस सुविधा की जानकारी देने और समय रहते स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए। डॉ. पंत ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव विभाग की प्राथमिकता है और बर्थ वेटिंग होम के माध्यम से दूरी व यातायात के कारण उपचार में होने वाली देरी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी