माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित
नैनीताल, 07 अगस्त (हि.स.)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र द्वारा गुरुवार को ‘मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण: आत्म-जागरूकता से आत्म-सशक्तिकरण तक’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, आत्म-देखभाल के महत्व तथा महिलाओं एवं समुदाय के मानसिक कल्याण पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर केंद्र में शीघ्र ही ‘वेलबीइंग सेंटर’ की स्थापना तथा 20 अगस्त से मानसिक स्वास्थ्य पर छह माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए केंद्र की निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करना कमजोरी नहीं, बल्कि जागरूकता और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर अध्ययन, परीक्षा, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, भविष्य, परिवार और सामाजिक अपेक्षाओं का बढ़ता दबाव मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। ऐसे समय में अपनी भावनाओं को समझना, विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना आवश्यक है। उन्होंने घोषणा की कि महिला अध्ययन केंद्र में शीघ्र ही ‘वेलबीइंग सेंटर’ स्थापित किया जाएगा और इसमें महिलाओं एवं सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित छह माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम ‘मेंटल हेल्थ काउंसिलिंग विद स्पेशल रेफरेंस टू वूमेन एंड कम्युनिटी वेल-बीइंग’ का पहला बैच 20 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगा।
मुख्य वक्ता उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड की सहायक निदेशक एवं मनोविज्ञान की प्रोफेसर डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी 51 प्रतिशत मामले शैक्षणिक दबाव तथा 43 प्रतिशत मामले मनोदशा में उतार-चढ़ाव से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड की टेली-मानस सेवा पर प्रारंभिक आठ माह में लगभग 15 हजार कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें 78 प्रतिशत कॉल 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की थीं।
उन्होंने पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, समय प्रबंधन, डिजिटल डिटॉक्स, डायरी लेखन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के अभ्यास को मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम में प्रो. शुचि बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. नंदन बिष्ट, प्रो. जया तिवारी, डॉ. हृदयेश कुमार, डॉ. रुचि मित्तल, डॉ. भूमिका, राजकीय महाविद्यालय रानीखेत के डॉ. बृजेश जोशी, मुलायम सिंह यादव महाविद्यालय मैनपुरी के डॉ. जान मोहम्मद, सिक्किम से डॉ. धीरज, राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ की प्रधानाचार्या तारा बोरा, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की डॉ. नेहा जोशी, इलाहाबाद से डॉ. नीलिमा सिंह, डॉ. दीपिका, डॉ. नीलिमा गुप्ता, खुशबू, प्रीति सागर, फरहा बक्स, डीएसबी परिसर के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संचालन डॉ. किरण तिवारी ने किया तथा अंत में आभार व्यक्त किया। डॉ. अविनाश, राकेश कुमार एवं सचिन कुमार ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

